लुका २:२५-३३ : यरूशलेम में शमौन नाम का एक धर्मी और भक्त व्यक्ति था। वह इस्राएल के सुख-चैन की बाट जोहता रहता था। पवित्र आत्मा उस पर था।
पवित्र आत्मा द्वारा उसे प्रकट किया गया था कि जब तक वह प्रभु के मसीह के दर्शन नहीं कर लेगा, मरेगा नहीं।
वह आत्मा से प्रेरणा पाकर मन्दिर में आया और जब व्यवस्था के विधि के अनुसार कार्य के लिये बालक यीशु को उसके माता-पिता मन्दिर में लाये।
तो शमौन यीशु को अपनी गोद में उठा कर परमेश्वर की स्तुति करते हुए बोला:
”प्रभु, अब तू अपने वचन के अनुसार अपने दास मुझ को शांति के साथ मुक्त कर,
क्योंकि मैं अपनी आँखों से तेरे उस उद्धार का दर्शन कर चुका हूँ,

जिसे तूने सभी लोगों के सामने तैयार किया है।
यह बालक ग़ैर यहूदियों के लिए तेरे मार्ग को उजागर करने के हेतु प्रकाश का स्रोत है और तेरे अपने इस्राएल के लोगों के लिये यह महिमा है।”

सामर्थ्य मे बने रहना ही सबकुछ है। नाइके नामक व्यक्ति ने कुछ साल पहले एक नारा चलाया, जिसका शीर्षक है, “जीतना हो तो बने रहो”। असल में, विज्ञापन यह सुझाव दे रहा था कि पुरस्कार जीतने के लिए पहलवान को खेल में बना रहना होगा। हालांकि, शिमोन पहलवान नहीं था , परंतु उन लोगों के लिए वह आख़री समय तक सामर्थ्यी बने रहने का उदाहरण बना।

शमौन एक श्रेष्ठ व्यक्ति था। वह केवल एक धर्मी, भला इंसान नही परंतु वह भक्ति, प्रतिबद्धी, अटल और प्रतीक्षा करने वाला व्यक्ति था। शमौन केवल एक साधारण विश्वासी की तरह जीवन नही बिता रहा था। उसके जीवन मे उद्देश्य था। वह उम्मीद से भरी हुई ज़िंदगी जी रहा था। वह बड़े चाह से परमेश्वर के वादे को पुरा होने की राह देख रहा था।

आप मे भी ऐसी उम्मीद और भुख हो जीसे आप राजाओं के राजा और प्रभुओ का प्रभु को देखने की चाह को रखे।परमेश्वर को देखने की भुख ही आप को दूसरे विश्वासियों से अलग करती है।

शमौन एक बुडा व्यक्ति था, उसने पुरी ज़िंदगी परमेश्वर के लिए इंतज़ार किया। वह थका नही। वह बाट जोहता रहा क्योंकि वह जानता था कि परमेश्वर उसे कुछ बड़ा देने जा रहा है और परमेश्वर ने उसे निराश नही किया।

क्या आपने कभी ग़ौर किया, ऐसी कौन सी बात है जो विश्वासी को दूसरों से अलग करती है या फिर क्या हे जो विश्वासी को पवित्र आत्मा की आग से भरे रखता है? शायद वे परमेश्वर के हाथ को थामे रहना है।

विश्वासीयो, “जीतना है तो बने रहो” क्योंकि कुछ तो तुम्हारे मनो के अंदर जल रहा है जो कह रहा हे,” मैं हार नही मानूँगा” क्योंकि उसने वादा किया हे तो वह पुरा भी करेगा।

मेरे प्रियो, यदि यीशु आपके पास है, तो उसकी निकटता हमारी महानता है!

शमौन के पास पवित्र आत्मा था। उन दिनों, पवित्र आत्मा धर्मीयो पर नही परंतु पवित्र आत्मा बेताब, भूखे लोग और जो परमेश्वर की प्रतीक्षा कर रहे हो उनपर हुआ करता था।

यह पवित्र आत्मा द्वारा प्रकाशित किया गया था की शमौन मृत्यु को तब तक नही देखेगा जब तक वह प्रभु यीशु को न देख ले।

कोई दुष्ट आत्मा उस स्त्री या पुरुष का नाश या बाल भी बाँका नही कर सकता है, जो व्यक्ति परमेश्वर के वादे का पुरा होने का इंतज़ार कर रहा हो। वे हर प्रकार की निराशा या चिंता को जो उन के ख़िलाफ़ उत्तपम होते हे उन्हें नकारते है। वे गिरकर फिर से उठते हे और अपना मनोबल मज़बूत करके प्रभु यीशु की उपसतिथी की ओर दौड़ते है।

शमौन की तरह, हम भी परमेश्वर के वादे को हमारे जीवन पर कबुल करे और पुरे विश्वास से उसे पुरा होने का इंतज़ार करे, परमेश्वर अपनी वफ़ादारी तुम पर ज़रूर प्रकट करता है।

यदि पवित्र आत्मा उन सभी लोगों को नही चलाता जैसे ही मरियम और युसूफ मंदिर मे आए तो शायद वे सब बालक यीशु की मुलाक़ात से चुक जाते। हम विश्वासियों को स्वर्ग के समय और स्वर्ग के हलचल को समझने की ज़रूरत है।

इस समय को जाने : यह रोने का समय नही है परंतु हमे दृढ़ता से खड़ा होकर अपने उद्धारकर्ता यीशु के पास दोडना है, जब उसने हमे अपने पास पुकारा है तो वह विशवासयोगय भी है। परमेश्वर अपनी दुल्हन को अपने फिर से आने के लिए तयार कर रहा है।

सभी देश और सभी राजा अपने स्थान पर जा रह है। यह समय तुरही बजाने का समय हे। यह समय हे की उसकी दुल्हन अपने राजा से प्रेम करे!

शमौन की तरह हम भी इंतज़ार करे उसके हर एक वादे का पुरा होगा। परमेश्वर उसके हर एक वादे को हम पर प्रकट करेगा।

शमौन की तरह हम भी इंतज़ार करे जब तक हम उसे देख नही लेते। उस समय तक जब तक हम यीशु के द्वारा फैल नही जाते और प्रभावित नही हो जाते और जब तक पवित्र आत्मा हमे सही समय से सही स्थान पर रख न दे। परमेश्वर के बच्चे होने के नाते हम परमेश्वर के वादे को पुरा होने का इंतज़ार करे क्योंकि परमेश्वर पर इंतज़ार करना हमेशा लाभदायक साबित होता है।

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