कया आपने कभी इस बात पर ग़ौर किया कि क्यों कामयाब अधिकारी,पासबान या राजनीतिक नेता परमेश्वर के अनुग्रह से गिर जाते है हालाँकि उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी मे सफलता का मुक़ाम हासिल किया हो?

इसके पीछे कुछ गणित है: विस्तार मे कहूँ तो, लंबे समय तक बटे हुए रहना! कई कामयाब लोग दो कारण की वजह से गीर जाते है, ख़ुद से बट जाना या दूसरों की ओर से बट जाना। परंतु इस समीकरण मे कुछ छुट जाता है तो वह लंबे समय तक रहने वाली असफलता।

और ऐसी ही दशा कलेसिया मे दिखाई देती है। यदि दुश्मन आपका नाश करना चाहे तो वह आपको अंदर से बाटने या तोड़ने की कोशिश करता है। यदि उसने आपको अंदर से बाट दिया, तो आप पुरी तरीक़े से टुट जाते हो। जब आप अंदर से बिखरे होते हो, तो फिर से खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। जब आप अंदर से बटे हुए होते हो तब गिरने मे समय नही लगता ।

यह वचन आपके मनन करने के लिए मत्ती १२:२५ “यीशु को उनके विचारों का पता चल गया। वह उनसे बोला, “हर वह राज्य जिसमें फूट पड़ जाती है, नष्ट हो जाता है। वैसे ही हर नगर या परिवार जिसमें फूट पड़ जाये टिका नहीं रहेगा।”

कलेसिया मे दो प्रकार के बँटवारे नज़र आते है :

१) स्वयं मे बँटवारा
२) दूसरों की ओर से बँटवारा

स्वयं से बट जाना

कई लोग अस्वीकार के घाव को अपने साथ लेकर चलते है और शैतान उसी विचार का फ़ायदा उठाता है।
प्रियो, कम आत्म सम्मान, असुरक्षा और परमेश्वर मे अपनी पहचान को न समझना शैतान को अपने जीवन पर प्रबल होने के बराबर है।

बाईबल का वचन कहता है, “क्योंकि परमेश्वर ने हमें जो आत्मा दी है, वह हमें कायर नहीं बनाती बल्कि हमें प्रेम, संयम और शक्ति से भर देती है।- 2 तीमुथियुस १:७

दुनिया कहती है की ताक़तवर बनना मतलब किसी पर अधिकार जताना परंतु बाइबल कहता है ताक़त नियंत्रण मे नम्रता है।नम्रता का मतलब है, “कि मुझे पता है कि मैं कौन हु लेकिन मुझे जताने की ज़रूरत नही है”

बाइबल के इन महा पुरुषों के बारे मे जाने:

  • शिमशोन की पहली शादी टुटने की वजह से उसमें अस्वीकार का घाव था। वही उसके गिरने का कारन बना, वह लोगों के बहकावे मे आया क्योंकि वह भीतर से अपनी पहली शादी के कारन टुटा हुआ था।
  • साऊल मे स्वयं के लिए कम आत्मसम्मान था। वह अपने बारे मे इतना असुरक्षित महसुस करता था की जब परमेश्वर ने उसको राज्याभिषेक के लिए चुना तो वह किसी सामान के पिछे चुपा हुआ था।
  • दाऊद को उसके भाइयों ने उसे निष्पक्ष हिस्सा देने से इनकार कर दिया और उसे सेना मे रहने की इजाज़त नही दी।लेकिन जब परमेश्वर ने उसे उँचा उठाया तब उसने वो भी लिया जो उसका नही था, दोस्त की बीवी, यहाँ तक की हर एक व्यक्ति को जो उसके रास्ते के बीच मे खड़ा हो जाता।

लेकिन यहाँ पर एक अलग कहानी दिखाई देती है,यूसुफ़ को अपने भाईयों ने ख़ारिज कर दिया लेकिन उसने इस घाव को अपने जीवन मे नासूर बनने नही दिया। वह इतना सुरक्षित था की जब परमेश्वर ने उसे उँचा उठाया तो वही सारे भाईयों को जिन्होंने उसे धोका दिया उन्हें हानी न पहुँचाकर अाकाल और भुखमरी से बचाया।
क्या आप इन एक जैसी बात पर गोर कर सकते है? असुरक्षा नाराज़गी को पैदा करती है जो बाद मे अक्षमा और पाप को जन्म देती है। पाप और अक्षमा आपके आत्मा की आवाज़ को चुप कर देता है जो आपके विश्वास को कम करता है असफलता को आपके जीवन मे लेकर आता है। ऐसी स्थिति मे आप प्रार्थना नही कर पाते क्योंकि आपका बरोसा परमेश्वर मे ढगमगाया होता है।

अापके बीते हुए कल के घाव मे ख़ुद को बंद न करे। बिते हुए कल का घाव और दर्द का डर आपके आत्मविश्वास को ख़ाली कर देता है और आपके ह्रदय को विभाजित करता है। सतर्क रहै की कौनसी चीज़ आपको अंदर से बाट रही है।

बल्कि पवित्र आत्मा के सामर्थ्य, प्रेम, आत्मसंयम मे रहने को चुनिये। ये उम्मीद न किजीए की परमेश्वर आपकी मदत करेंगे जब आप आपके शरीर की अभिलाषा मे चल रहे हो। परमेश्वर के अनुग्रह और ज्ञान मे चले और उनसे दुर रहे जो आपको तकलीफ़ देते है। आत्मसंयम को चुने और अपने बल का प्रयोग न करे।अपने घाव से उभर ने लिए परमेश्वर के सामर्थ्य का सहारा ले!

जो लोग अपने आप मे बटे हुए रहते है वे अपने ही बनाए हुए जाल मे फँसते है। एक अंदर से बँटा हुआ इंसान अपने ही घर का बँटवारा कर देता है।

इसलिए जब आप नाराज़ हो तो असुरक्षा को अपने दिमाग़ मे प्रवेश करने न दे। बलकी अपने आप को नम्रता और धन्यवाद के आत्मा से भरे रखीए।

दूसरों की ओर से बँटवारा :

ऐसे कई लोग है जो लोगों को बाटने या फ़ुट डालने मे ख़ासियत रखते है। जब कोई, हमे बाटने मे दिलचस्पी रखता हो, तो वह आदमी आपके शादी को दो हिस्सों मे बाट सकता है। यदि आप कुँवारे हो, तो वह स्त्री आपको दो हिस्सों मे बाट सकती है। ऐसे लोग आपका ध्यान भटकाने मे बड़े तेज़ होते है।

हर नाकामी कही ना कही बटे हुए ध्यान का कारन होती है।

पौलुस कहता है, “हे भाइयो, मैं तुमसे प्रार्थना करता हूँ कि तुमने जो शिक्षा पाई हैं, उसके विपरीत तुममें जो फूट डालते हैं और दूसरों के विश्वास को बिगाड़ते हैं, उनसे सावधान रहो, और उनसे दूर रहो।-रोमियो १६:१७.

आपको आपके दोस्तों को चुनने के बारे मे सोचना ज़रूरी है- आपके कितने सच्चे दोस्त है? कौनसे गुण उनको आपके दोस्ती के क़ाबिल बनाता है? आपने उनको क्यों चुना ?

कही ना कही आपकी निराशा के पीछे कोई व्यक्ति ज़रूर है जिसे आपने हद से ज़्यादा ऐहमीयत दी हो।

सोचिए ये दुनिया कैसी होती, यदि हवा साँप की बात पर ध्यान न देती? उनका गिरना दो हफ़्तों मे नही परंतु क्षण भर मे हुआ।

आपको ऐसे लोगों को पहचान ने की ज़रूरत है जो आपस मे या आप मे फ़ुट डालते है। पोलुस कहता है कि ऐसे लोगों को जान लो और दुर रहने मे ही समझदारी है।

याकुब ४:४ दरखास्त करता है, ओ, विश्वास विहीन लोगो! क्या तुम नहीं जानते कि संसार से प्रेम करना परमेश्वर से घृणा करने जैसा ही है? जो कोई इस दुनिया से दोस्ती रखना चाहता है, वह अपने आपको परमेश्वर का शत्रु बनाता है।

पोलुस क्यों नही कहता की सामर्थ्यी बने रहने के लिए प्रार्थना करो? पोलुस कहता है की विश्वास मे मज़बूत रहने के लिए ऐसे लोगों से दुर रहो जो तुम्हारा ध्यान परमेश्वर से बटकाते है।

इनको ज़हरीले मान कर इनसे दुर रहो।

प्रियो अपने ह्रदय को असुरक्षा से बचाकर रखो और इस प्रकार के लोग जो फ़ुट डालने मे या बँटवारा करना चाहते है इन से दुर रहो।

तेरा राज्य आए।तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है वैसे ही पृथ्वी पर भी पूरी हो, हमारे जीवन मे भी।

जैसे हम उन बँटवारा करने वाले भेड़ियों से दुर भागते है और परमेश्वर के ज्ञान को समझकर अपने मे से हर बँटवारे को निकाल फेंकते है तो हम जयवंत कहलाते है। प्रभु येशु, हर वो झुठ का परदाफ़ाश कर दे जो हममें बँटवारा डाल रहा है। पवित्र आत्मा हमे हौसला दे ताकी हम हर वो दोस्ती को जो हमे आपसे अलग कर रही है उसे निकाल फैंके।

परमेश्वर को महिमा मिले! अमीन !