किस पर आप मँडरा रहे हो? आप क्या सोच रहे हो, चिंतित हो या स्वप्न देख रहे हो?

क्या आपने कभी हवा की गति को ज़मीन को हिलाते हए देखा है? गंदगी के ढेर पर तेजी से उड़ने वाली हवा को चित्रित किजीए। धीरे-धीरे, निश्चित रूप से, पृथ्वी हिलना शुरू होती है। हवा किसी भी बनी बनाइ वस्तु को बदल सकती हैं।

फिर भी हवा आंखों के लिए अदृश्य है।पृथ्वी के वायुमंडल में गर्मी के तरीक़ा को बदलकर, हवा अप्रत्याशित और शक्तिशाली हो जाती है और किसी भी बने बनाए वस्तु में एक परिवर्तन ला सकती है।

हवा सबसे गर्म चेहरे को ठंडा कर सकती है और सबसे ठंडे बच्चे को गर्म कर सकती है। हवा एक ही पल मे राजमार्ग पर बर्फ और रेगिस्तान मे रेत को फैला सकती है।

पवित्र शास्त्र बाइबल मे पवित्र आत्मा को श्वास और हवा के समान बताया गया है।

प्रभु यीशु ने निकोदिमस को सीधे शब्दों मे कहा, “हवा जिधर चाहती है, उधर बहती है। तुम उसकी आवाज़ सुन सकते हो। किन्तु तुम यह नहीं जान सकते कि वह कहाँ से आ रही है, और कहाँ को जा रही है। आत्मा से जन्मा हुआ हर व्यक्ति भी ऐसा ही है।” (यूहन्ना ३:८)

आत्मा हवा के जैसे है!  इसलिए हम जो यीशु मसीह के द्वारा पवित्र आत्मा से जन्मे है तो हम भी हवा के समान है!

मैं आपसे बाटना चाहता हूं कि आप प्रभावी रूप से परमेशवर की आतमा की तरह कैसे मँडरा सकते हैं, और परमेशवर के राज्य में सामर्थ्यी ठहरे । प्रिय, यह तुम्हारी मंज़िल है!

(आनेवाले कुछ सप्ताह तक मे आपसे ईसी विषय के बारे मे बाटता रहुंगा, दोस्तों, क्या आप इस भक्ति को पढ़ने के लिए समय दोगे ? यह आपके लिए बहुत उत्साहजनक होगा और आपको परमेशवर के साथ चलने में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।)

भाग-१: अपनी शुरुआत को जाने

उत्पत्ति १:१-३ परमेशवर की रचना का वर्णन करता है।

आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था।तब परमेश्वर ने कहा, “उजियाला हो,” तो उजियाला हो गया।

उत्पत्ति सभी किताबों की शुरूआत है। आपको यहां से पवित्र आत्मा को समझने की अपनी यात्रा शुरू करनी होगी, क्योंकि यह जीवन की किताब है, सब जीवनों की शुरूआत यही से हुई है।

कल्पना करे तो आप देख सकते हैं कि शुरुआत में पृथ्वी बेडौल थी। फिर भी पवित्र आत्मा उसपर मँडरा रहा था।

आपकी अपनी दुनिया बिना आकार की हो सकती है। आपकी शादि बिना आकार की हो सकती है। आपका जीवन शायद सुना पड़ा है जैसे पृथ्वी सुनी थी और अंधेरे ने धरती को ढक लिया था। ईतनी हलचल में, पवित्र आत्मा ने इस जल पर तब तक न प्रवेश किया जब तक परमेशवर की आवाज नहीं आई।

उत्पत्ति में आत्मा के लिए हिब्रू का शब्द रूआक , जीसे हवा या सांस के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। परमेशवर का श्वास उस गंद पर मँडरा रहा था और इंतज़ार कर रहा था।

आत्मा मँडरा रहा था। हालांकि हम तत्काल सफलता चाहते हैं, परमेशवर को कोई भी संकोच नही हुआ उस बेबुनियाद चीज़ पर मँडराते हुए।

इस पर विचार करो: क्या होगा यदि हम लंबे समय तक विश्वास में किसी चीज़ पर मँडराते रहे? हमें पवित्र आत्मा की तरह काम करना चाहिए।

जब आपकी स्थिति अंधेरे मे होती है, जब आप निराश होते हो, जब आपकी शादी शुदा जीवन ठीक ठाक नही चल रही हो, आप फिर भी परमेशवर की छवि और समानता में बने हो।जैसे ही आप उद्गार पाते हो चीज़ें बदल जाती है। भुले नही की आप परमेशवर मे कोन हो! न जाने आपके जीवन मे क्या हो रहा हो, परमेशवर उसे धीरे धीरे साफ़ कर रहे है, जैसे जैसे वो आप पर मँडरा रहे है!

क्योंकि हम परमेशवर की छवि और उसके समानतर बनाए गए है, हमे नतीजा ज़रूर मिलेगा।

क्या आप आपकी अव्यवस्था पर डर के द्वारा या विश्वास के द्वारा मँडरा रहे हो? प्रार्थना से या चींता से?

जब तक पिता की  की आवाज़ नही सुनते, क्या आप ये परिश्रम करने के लिए तयार हो ?

जींस किसी वस्तु पर परमेशवर का आत्मा मँडराता है, उस पर पिता परमेशवर ज़रूर कुछ कहता है। जब भी आप बिना हिले खड़े रहते हो, जींस पर आप मँडरा रहे हो, उसपर परमेशवर अपना वचन ज़रूर देते है।

इसका मतलब, यदि आप की शादी मे ख़ाली पन है, यदि आर्थिक रूप से परेशानी है, यदि बच्चे तकलीफ़ मे है, यदि गड़बड़ी या स्पष्ट न दिखाई दे रहा हो, आप जो पवित्र आत्मा से जन्मे हो, उस अंतर मे बिना हिले खड़े रहिए जब तक परमेशवर आपकी अव्यवस्था पर रोशनी नही डालता।

परमेशवर ऐसे लोगों को ढुंडते है, जो धैर्य और लंबे समय तक पवित्र आत्मा की तरह खडे रहते हो।

हार मत मानो, इतने जल्दी निराश मत हो। भले ही आप सुन पा रहे हो या नही, परमेशवर का आत्मा आप पर बोल रहा है, हमारा पिता परमेशवर आप पर ज़रूर कहेगा!

हमारे यीशु बिगड़े हुए विश्वासियों पर तीन साल तक मँडराए। हमारे राजा समान, अव्यवस्था मे व्यवस्था लाने मे निरंतरता बहुत ज़रूरी है।

अपने पुनरुत्थान के बाद यीशु अपने चेलों पर चालीस दिनों तक मँडरा रहे थे। उसने कहा “इंतज़ार करो” पवित्र आत्मा के आने का इंतज़ार करो। इंतज़ार!

पिन्तेकुस्त के दिन के बाद शिष्यों ने परमेशवर के लिए और अधिक पूछा, केवल कुछ ही दिनों मे। प्रियो हमे परमेशवर पर निर्भर रहना सीखना चाहिए।

परमेशवर पर सह निर्भर रहो। हर चीज़ के लिए उस पर निर्भर रहो। आत्मनिर्भर केवल ऐसा तरीक़ा है जहाँ से शैतान आपको नीचे गिरा सकता है। आपको अकेले रहने के लिए नही बनाया गया है। आपको परमेशवर की उपस्थिति मे रहने के लिए बनाया गया है।

हज़ारों साल पहले, परमेशवर का आत्मा अंधेरे पर मँडराया और उसी के प्रकाश के साथ, व्यवस्था, सहि आकार, स्पष्टत यहाँ तक की सारी अच्छी और भली चीज़ उत्पन्न हुई। पवित्र आत्मा की तरह मँडराना हो तो एक बात ज़रूर याद रखे, अपनी शुरुआत को कभी न भुले। परमेशवर ने सबकुछ शुरु किया।

अव्यवस्था पर पवित्र आत्मा के द्वारा मँडराओ!

हमेशा प्रेम मे बने रहीए, सम्मान के साथ ध्यान दीजिए किस व्यवस्था मे आप चल रहे हो।

( भाग २: अपने दिमाग को ध्यान में रखो। इस लेख को हर साप्ता अपने ईमेल मे पाने के लिए इस ब्लॉग के लिए यहां सदस्यता लें।अपने दोस्तों के साथ बाटे और आशीशीत रहे।)